फल :-
आम, अनार, आडू, अनानास, अमरुद, आंवला, अलूचा, अंगूर, बेर, बेलगिरि, सेव, संतरा, सिंघाड़ा, शरीफा, केला, ककड़ी, कमरख, खरबूजा, खीरा, गन्ना, ईख, गोला, नारियल, मौसमी, मालटा, लोकाट, चेरी, चीकू, जामुन, तरबूज, नासपाती, नाक, नीम्बू, पपीता, नारंगी |
साग भाजी :-
मेथी, गवारफली, फूट, करौन्दा, टींट, इमली, घिया, तोरी, टिण्डा, भिण्डी, सीताफल (पेठा), लोभिया, सरसों का साग, चने का साग, पेठा (मिठाईवाला), धनिया, पुदीना, गोभी-पत्ता, लेहसवा, लिसौड़े, फासबीन, सेम, टमाटर, पालक, मिर्च, सोयाबीन, करेला, कचरी, मोंगरी, बथुआ, परमल, मटर, मकई, भुट्टा |
नोट :- इलाज में काम आने वाले फल आदि के रस को छोड़कर कुछ फलों व साग भाजी की कुछ समय अवधि निश्चत कर कुछ संख्या का नियम कर लेना चाहिए |
Jyotindra Jetha bhai Zaveri
May 29, 2012 at 2:30 am
Good and useful information, appreciated.
jigar6278igar Shah
July 29, 2012 at 8:38 pm
Jai Jinendra, thanks
Vaibhav Jain
July 30, 2012 at 5:05 pm
Our jain religion is the best and ranks no 1 in the world.