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Archive for December 9th, 2011

आये यहा तो कुछ कर जाओ,सुनलो मेरे भाई

09 Dec

आये यहा तो कुछ कर जाओ,सुनलो मेरे भाई।
खुद को किसी से कम नही समझो,नरतन का यह सार है ॥आये यहा॥

खुद ही खुदा तु खुद ही जिन है खुद ही क्रुष्ण राम है।
बनजाये तेरी आत्मा ,परमात्माका धाम है ।
नही असंभव कार्य यहा पर,यह तो सुलभ संसार है॥आये यहा तो॥

दीनों से तु प्यार है करले,दीनानाथ ही बनजाये।
ऊंच नीच का भेद छोडदे,समदर्शी तु कहलाये।
कौन धनी यहा कौन गरीब है,तजदे कुविचार है॥आये यहा तो॥

आया अकेला है जग मे और अकेला जायेगा ।
काहे किसी से व्देष करे तु यहा से कुछ पायेगा नही ।
गर चाहे तेरा नाम रहे यहा,धरले सदाचार है॥आया यहा तो कुछ कर जाओ॥

 

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09 Dec